भागलपुर जिले में कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्षों के चुनाव को लेकर पार्टी के अंदर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। हाल ही में हुए संगठनात्मक चुनाव को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता कर गंभीर अनियमितता और मनमानी का आरोप लगाया है। नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पार्टी नेतृत्व से मामले की जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस नेता अभय कांत झा ने आरोप लगाया कि पीरपैंती, बिहपुर और गोपालपुर प्रखंड में जिन लोगों को नया प्रखंड अध्यक्ष बनाया गया है, उनके खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है। उनका दावा है कि कांग्रेस संगठन के नियमों के अनुसार जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। इसके बावजूद ऐसे लोगों को प्रखंड अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने सवाल खड़े किए।
वहीं कांग्रेस नेता विपिन बिहारी यादव ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रखंड अध्यक्षों के चयन में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की राय और निर्णय को दरकिनार किया गया। उनके अनुसार कांग्रेस मुख्यालय की ओर से संगठनात्मक चुनाव के लिए निर्धारित नियम और प्रक्रिया तय है, लेकिन भागलपुर में कथित तौर पर उसका पालन नहीं किया गया। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष आरती सिंह ने संगठन में महिलाओं की भागीदारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की बात कही जाती है, लेकिन भागलपुर जिले के किसी भी प्रखंड में महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। उन्होंने इसे महिला प्रतिनिधित्व की अनदेखी बताते हुए संगठन में महिलाओं को उचित स्थान देने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है।






