बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह आज बेउर जेल से बाहर आ गए हैं। हत्या के एक मामले में चार महीने तक जेल में बंद रहने के बाद उनकी रिहाई ने उनके समर्थकों में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ा दी है।
अनंत सिंह के जेल से निकलते ही उनके समर्थक बेउर जेल के बाहर बड़ी संख्या में जुट गए। उनके स्वागत के लिए समर्थकों ने जयकारे लगाए और फूलों की वर्षा की। रिहाई के समय जेल परिसर में जबरदस्त उत्साह का माहौल था।
अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके समर्थकों को उनका इंतजार था और अब वे जेल से बाहर आ गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बाहर आने के बाद कल के लिए चर्चा में रहे विजय जुलूस को लेकर कोई आयोजन नहीं होगा। उन्होंने कहा, “मैं कल विजय जुलूस नहीं निकालूंगा, बल्कि माता के दर्शन के लिए जा रहा हूँ। आज तक मेरे द्वारा कभी विजय जुलूस नहीं निकाला गया है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि अनंत सिंह की रिहाई राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से बड़ी घटना है। बाहुबली नेता के रूप में उनकी पकड़ और उनके समर्थकों की संख्या को देखते हुए, आज की घटना ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
पटना प्रशासन ने जेल से रिहाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया था ताकि समर्थकों के बीच किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी या हिंसक घटना न हो।
अनंत सिंह के करीबी सूत्रों के अनुसार, उनका बाहर आने के बाद पहला कदम सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहना होगा। उन्होंने समर्थकों को शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने का संदेश भी दिया है।
बेउर जेल से रिहाई के बाद अनंत सिंह की यह घटना न सिर्फ उनके समर्थकों के लिए खुशी का मौका है, बल्कि बिहार की राजनीति में भी इसका अलग प्रभाव देखने को मिलेगा।
रिपोर्ट: सुरजीत कुमार, पटना
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