मुंगेर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक रेलवे इंजीनियर को साइबर ठगों ने 46 लाख रुपये का चूना लगा दिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़ित इंजीनियर ने साइबर थाना में मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, मामला जमालपुर का है, जहां रेलवे में कार्यरत एक इंजीनियर को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ठगों ने अपने जाल में फंसाया। “न्यू वेल्थ ग्रुप” नाम के इस व्हाट्सएप ग्रुप में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा दिया जा रहा था। ग्रुप में एक फर्जी वॉलेट दिखाया गया, जिसमें एक करोड़ से अधिक का इन्वेस्टमेंट दर्शाया गया था, जिससे इंजीनियर को भरोसा हो गया।
ठगों ने इंजीनियर को महज एक हफ्ते में पैसा दोगुना-तीगुना करने का लालच दिया। इस झांसे में आकर उसने अलग-अलग किस्तों में करीब 46 लाख रुपये निवेश कर दिए। हैरानी की बात यह है कि उसने अपने पिता, पत्नी और दोस्तों से भी पैसे लेकर आरटीजीएस के माध्यम से रकम ट्रांसफर की।
बताया जा रहा है कि इंजीनियर ने 20 फरवरी को ग्रुप ज्वाइन किया और 12 मार्च तक लगातार निवेश करता रहा। जब तय समय पर पैसा दोगुना नहीं हुआ और वॉलेट सील दिखाने लगा, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी राकेश कुमार रंजन ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और तकनीकी जांच के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित ने 17 मार्च को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी और 22 मार्च को साइबर थाना में एफआईआर दर्ज कराई।
इस घटना के बाद पीड़ित मानसिक रूप से काफी परेशान है। वहीं पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे किसी भी अनजान लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप या निवेश के झांसे में न आएं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि बिना जांच-पड़ताल के निवेश करना कितना खतरनाक हो सकता है।
