पूर्णिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक साधारण परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से असाधारण सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी इंटरमीडिएट 2026 के परिणाम में पूर्णिया के सहायक खजांची हाट, वार्ड 27 निवासी लक्की अंसारी ने आर्ट्स संकाय में 478 अंक प्राप्त कर पूरे बिहार में दूसरा स्थान हासिल किया है।
लक्की अंसारी की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनका परिवार बेहद सीमित संसाधनों में जीवन यापन करता है। उनके पिता मो. इम्तियाज अंसारी फुटपाथ पर घड़ी की मरम्मत कर परिवार का गुजारा करते हैं। एक छोटे से घर में पांच सदस्यों के साथ रहने वाले लक्की ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को टूटने नहीं दिया।
आर्थिक तंगी के कारण लक्की ने अपनी पढ़ाई के दौरान छह महीने तक एक मेडिकल स्टोर में काम भी किया, ताकि परिवार की मदद कर सकें। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और प्रतिदिन 6 से 7 घंटे की मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने अपनी तैयारी में ऑफलाइन कोचिंग के साथ-साथ यूट्यूब का भी सहारा लिया।
लक्की ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और अपनी मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि टॉपर बनने की खुशी उनके लिए सबसे बड़ा तोहफा है, खासकर जब उन्होंने अपने माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू देखे। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे खास पल बताया।
लक्की का सपना आगे चलकर शिक्षक बनना है, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से समाज के विकास में योगदान दे सकें। उनके परिवार में इस सफलता के बाद खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
उनके पिता भावुक होकर कहते हैं कि बेटे ने उनका नाम पूरे बिहार में रोशन कर दिया है। वहीं उनकी मां ने बताया कि लक्की की दिन-रात की मेहनत का ही यह परिणाम है।
लक्की अंसारी की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं।
