मुजफ्फरपुर/कौशांबी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां देश की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी के रूप में मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र के हरचंदा गांव निवासी नौशाद अली उर्फ लालू को पकड़ा गया है। इस मामले में एक नाबालिग समेत कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
पुलिस के अनुसार, नौशाद पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड के संपर्क में था और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इस जासूसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उस पर भारतीय सेना की गतिविधियों की रेकी कर फोटो, वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान भेजने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि वह गुप्त रूप से देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था।
बताया जा रहा है कि नौशाद को झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध मंदिर और दिल्ली कैंट जैसे संवेदनशील इलाकों की रेकी कर उनकी जीपीएस लोकेशन और वीडियो भेजने का टास्क मिला था। वह अपने साथियों के जरिए भी महत्वपूर्ण सूचनाएं इकट्ठा कर एक विशेष ऐप के माध्यम से पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले नौशाद अपने पिता जलालुद्दीन से एक लाख रुपये लेकर दिल्ली गया था। वहां उसने टायर पंचर की दुकान खोलने की बात कही थी। फिलहाल वह हरियाणा के फरीदाबाद में एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहा था और सामान्य जीवन जीता हुआ नजर आ रहा था।
इस नेटवर्क के तार सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। अब तक इस मामले में 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।
नौशाद की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव हरचंदा में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार वाले इस घटना से सदमे में हैं। उसकी मां महिमा खातून ने बताया कि 16 तारीख को पुलिस उसे पकड़कर ले गई, लेकिन अब तक यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि वह कहां है। वहीं चाचा मोहम्मद अलाउद्दीन ने बताया कि परिवार काफी परेशान है और लगातार जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
