बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गया जिले की बेटी निशु कुमारी ने आर्ट्स संकाय में स्टेट टॉपर बनकर एक प्रेरणादायक इतिहास रच दिया है। यशवंत प्लस टू उच्च विद्यालय, खिजरसराय की इस मेधावी छात्रा ने 500 में से 479 अंक यानी 95.80 प्रतिशत हासिल कर पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया।
खिजरसराय प्रखंड के लोदीपुर गांव की रहने वाली निशु एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता अमोद कुमार एक छोटे किसान हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद निशु ने कभी अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया। खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी ट्यूशन के, केवल स्कूल के शिक्षकों और ऑनलाइन संसाधनों की मदद से यह सफलता हासिल की।
निशु की यह उपलब्धि इसलिए और भी खास बन जाती है क्योंकि परीक्षा शुरू होने से कुछ दिन पहले ही उनके नाना का निधन हो गया था। इस दुखद घटना ने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया। उनका अपने नाना से गहरा लगाव था, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं। पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था और एकाग्रता भी भटक गई थी।
लेकिन इस कठिन समय में निशु ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने नाना की सीख और अपने लक्ष्य को याद करते हुए खुद को संभाला। उन्होंने ठान लिया कि इस मुश्किल घड़ी को अपनी कमजोरी नहीं बनने देंगी। निशु ने कहा, “हालात कठिन थे, लेकिन मैंने सोचा कि अगर अब रुक गई तो सपना अधूरा रह जाएगा।”
अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में टॉप कर लिया। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
निशु अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और अपने नाना के आशीर्वाद को देती हैं। आज उनकी सफलता से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। यह कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखता है।
