रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़मी है। बिहार के कटिहार से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां शराब तस्करों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम ही आपस में भिड़ गई। मामला इतना बढ़ा कि बात हाथापाई से होते हुए खूनी झड़प तक पहुंच गई।
कटिहार रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मद्य निषेध विभाग की टीम और GRP यानी रेल पुलिस के जवान आमने-सामने आ गए। जानकारी के मुताबिक, मद्य निषेध विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के रास्ते हाटे बाजारे एक्सप्रेस से भारी मात्रा में शराब की खेप कटिहार लाई जा रही है।
इसी सूचना के आधार पर मद्य निषेध की टीम स्टेशन पर छापेमारी के लिए पहुंची थी और जाल बिछाकर तस्करों को पकड़ने की तैयारी में थी। लेकिन इसी दौरान GRP के जवानों ने उनके ऑपरेशन में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया। पहले कहासुनी हुई, फिर मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई।
इस झड़प में मद्य निषेध विभाग का एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि GRP के जवानों की पिटाई से वह बुरी तरह जख्मी हुआ है। घायल सिपाही को तुरंत कटिहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मद्य निषेध विभाग ने GRP पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि GRP जानबूझकर उनकी कार्रवाई में बाधा डालती है और इसी रंजिश के चलते यह हमला किया गया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे तस्करों को पकड़ने पहुंचे थे, लेकिन वहां खुद पुलिसकर्मियों के साथ ही दुश्मनों जैसा व्यवहार किया गया।
अब सवाल यह है कि जब कानून के रखवाले ही आपस में भिड़ जाएंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और समन्वय पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है।
