बिहार के बिहार जिले में नाबालिग लड़की की मौत के बाद राक्षसी पोशाक बनाई गई है। समूह और ग्रामीण इसे नृशंस हत्या बता रहे हैं और चार के खिलाफ सीक्वल एक्शन की मांग कर रहे हैं। घटना डेरनी थाना क्षेत्र का एक गांव है, जहां 11 मार्च को लड़की का शव बरामद हुआ था।
आरोपियों का आरोप है कि लड़की के साथ मिलकर सामूहिक सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव को फाँसी में फेंक दिया गया। हालाँकि दस्तावेज़ रिपोर्ट में धोखाधड़ी या किसी प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक डेथ बाथ से हुई है, जिससे केस ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस ने इस मामले में समुद्रतटीय यूक्रेनी युनिवर्सिटी कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में लड़की पर अपना प्रवेश स्वीकार करना है। पुलिस के मुताबिक, दादा-दादी एक ही गांव में रहने वाले थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध था। दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में थे और घटना के दिन भी बातचीत हुई थी।
बिहार के बाहुबली विनय कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में लड़की की मौत के बाद सामने आई चौंकाने वाली बात। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं और न ही किसी की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि लड़की ने खुद को जंपी या किसी ने धक्का दिया था। इस दस्तावेज़ पर जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक, लड़की के परिवार को दोनों के संबंधों की जानकारी मिल गई थी। घटना के दिन जब परिवार ने दोनों को खोजा, तो युवक वहां से भाग गये। इसके बाद लड़की के प्रोटोटाइप में गिरा या जंपने की आपदा की संभावना बनी हुई है।
इस बीच, स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी ने मामले की सीआईडी जांच की बात कही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रहस्योद्घाटन से सहमति मिल गई है ताकि जांच हो सके। वहीं, मिनिस्टर संजय सिंह समेत कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर जस्टिस का सहारा लिया है।
एनओसी पुलिस द्वारा सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भेज दिया गया है। केस को लेकर इलाके में पाइपलाइन बना हुआ है।
