पटना में मुख्यमंत्री की आखिरी इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ, जिसमें साक्षियों और सामाजिक दोनों ही मायनों में अहम उपलब्धि हासिल हुई। हर साल की तरह इस बार भी सीएम आवास पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया जाता था, लेकिन इस बार कुछ अलग और मनमोहक नजारा देखने को मिला। माना जा रहा है कि जल्द ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए यूरोपियन कम्युनिस्ट पार्टी के रूप में दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच केवल पास धारकों को ही मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश दिया गया। किसी भी व्यक्ति को मोबाइल या कैमरा ले जाने की जानकारी नहीं है, यहां तक ​​कि मीडिया को भी दिखाया जाना चाहिए। इफ्तार में शामिल क्षेत्र के कई लोगों ने अवसर के बताए अनुसार इसे मुख्यमंत्री को विदाई दी।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तुफैल कादरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की सेवा की है और अब दिल्ली में उन्हें प्रधानमंत्री के साथ मिलकर देशहित में काम करना चाहिए। अलेण्डो के राजनीतिक सलाहकार डॉ. रा दानिश ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम जारी करेंगे।

करीब दो दशक से इफ्तार में शामिल होते आ रहे जुलूस के मो. अकबर अली ने कहा कि नीतीश कुमार की कमी जरूर खलेगी और लोग उन्हें बहुत याद करेंगे। सहयोगी प्रवक्ता अंजुम आरा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री खुद इफ्तार का ध्यान अपनी जगह पर रखते हैं, जो लोगों के दिलों में हमेशा बने रहते हैं।

मित्र हैं कि 2005 से बिहार की सत्ता संभाल रहे नीतीश कुमार अब राज्य के लिए आमादी हो गए हैं और जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में इस इफ्तार पार्टी में लंबे समय तक उनके मुख्यमंत्री पद के एक औपचारिक विदाई समारोह का अवलोकन किया जा रहा है।

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