पटना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बिहार के करीब 27 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के दर बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही शहरी घरेलू, शहरी गैर-घरेलू और ग्रामीण गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग स्लैब खत्म कर एक समान दर लागू करने का फैसला लिया गया है।

नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। सबसे बड़ी राहत उन उपभोक्ताओं को मिलेगी जो 100 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करते हैं। पहले शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट के बाद 8.95 रुपये प्रति यूनिट देना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें केवल 7.42 रुपये प्रति यूनिट ही देना होगा। यानी प्रति यूनिट 1.53 रुपये की सीधी बचत होगी।

इसी तरह शहरी गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी दोनों स्लैब को मिलाकर एक कर दिया गया है, जिससे उन्हें अब 7.73 रुपये प्रति यूनिट ही देना होगा। वहीं ग्रामीण गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को भी अब एक समान दर 7.79 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली मिलेगी।

बिजली कंपनियों ने 35 पैसे प्रति यूनिट दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने पूरी तरह खारिज कर दिया। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त राहत मिली है।

ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया है कि 125 यूनिट तक फ्री बिजली की योजना पहले की तरह जारी रहेगी। इसके साथ ही 125 यूनिट से अधिक खपत पर मिलने वाला सरकारी अनुदान भी जारी रहेगा।

खेती के लिए बिजली दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 6.74 रुपये प्रति यूनिट पर स्थिर रहेगी। वहीं शहरी गैर-घरेलू कनेक्शन चार्ज भी घटाकर 200 रुपये से 150 रुपये कर दिया गया है।

लगातार दूसरे साल बिजली दर में बढ़ोतरी नहीं होने से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अब सरकार इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी के लिए पेश करेगी, जिसके बाद इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।

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