बिहार के जमुई में मुख्यमंत्री Nitish Kumar की जनसभा के दौरान एक ऐसा राजनीतिक दृश्य सामने आया, जिसने सूबे की सियासत में हलचल मचा दी है। समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम खुद चलकर डिप्टी सीएम Samrat Choudhary के पास पहुंचे और उनकी पीठ पर हाथ रख दिया। इस एक इशारे ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा तेज है कि क्या यह सिर्फ एक सामान्य gesture था या फिर बिहार की सत्ता को लेकर कोई बड़ा संकेत? मंच पर उस वक्त सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर खड़े नजर आए, जबकि नीतीश कुमार का यह अंदाज लोगों को कुछ अलग ही कहानी कहता दिखा।

जनसभा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोग इसे सत्ता हस्तांतरण के संकेत के रूप में देख रहे हैं। सवाल उठ रहा है—क्या सम्राट चौधरी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है? क्या वे बिहार के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं?

हालांकि, मंच से अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने 2005 से पहले के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कानून व्यवस्था बेहद खराब थी और लोग शाम के बाद घर से निकलने से डरते थे। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार बनने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ है।

कार्यक्रम में मंत्री विजय चौधरी, संजय सिंह और Shreyasi Singh समेत कई नेता मौजूद रहे। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम पर किसी भी नेता की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी नीतीश कुमार इसी तरह Tejashwi Yadav को आगे कर चुके हैं, जिसके बाद उन्हें भविष्य का चेहरा माना जाने लगा था। लेकिन बाद में सियासी समीकरण बदल गए।

अब जमुई का यह दृश्य एक बड़े सवाल में बदल चुका है—क्या यह सत्ता का संकेत है या फिर नीतीश कुमार का कोई नया सियासी दांव? बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है।

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