भागलपुर में भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत 2083 की पूर्व संध्या पर सैंडिस कंपाउंड में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में शहर के शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद गणेश वंदना की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया और हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज सुनाई देती रही।

 

इस अवसर पर वक्ताओं ने भारतीय नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि आज विश्व स्तर पर भी भारतीय संस्कृति को स्वीकार किया जा रहा है और यह परंपराएं मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान किया।

 

कार्यक्रम में कृष्णा क्लब, भागलपुर के अजय अटल, हिंदी युवा शक्ति के प्रवीण प्रकाश और भागलपुर कथक केंद्र के गुरु निभाष चंद्र मोदी के छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों में भजन, लोकगीत और कथक नृत्य शामिल थे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भी किया गया, जिससे कार्यक्रम का महत्व और अधिक बढ़ गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं की झलक साफ तौर पर देखने को मिली।

 

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया। कुल मिलाकर यह आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपरा और नव वर्ष के स्वागत का एक यादगार उत्सव बन गया।

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