बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के मानोपुर मुशहरी गांव में 8 साल पुराने एक सर्पदंश मामले ने अचानक नया मोड़ ले लिया है। 12 साल की उम्र में सांप के काटने से मृत घोषित किए गए राहुल के कथित तौर पर वापस लौटने का दावा किया जा रहा है। करीब 20 साल का एक युवक साधु के भेष में सारंगी और झोला लेकर गांव पहुंचा और खुद को वही राहुल बताया।
घर पहुंचते ही परिवार को पहचानने का दावा: युवक के गांव पहुंचते ही परिवार में हलचल मच गई। राहुल की मां कविता देवी का कहना है कि युवक ने उन्हें तुरंत पहचान लिया। उसने पिता, चाचा, भाई और चाची को भी उनके पुराने नामों से पुकारा। परिवार का दावा है कि उसके शरीर पर बचपन में लगी चोट का निशान भी मौजूद है। इन बातों के आधार पर मां को पूरा विश्वास है कि वह उनका बेटा राहुल ही है।
कविता देवी के मुताबिक, 8 साल पहले राहुल को शौच के लिए जाते समय सांप ने काट लिया था। परिजनों ने झाड़-फूंक कराने के बाद उसे इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को अयोध्या घाट में प्रवाहित कर दिया गया था।
साधु के साथ जाने और बचने की कहानी: कथित राहुल ने परिवार को बताया कि नदी में प्रवाहित किए जाने के दौरान उसकी सांसें चल रही थीं। बहते-बहते वह मोकामा घाट के किनारे पहुंचा, जहां एक साधु ने उसे बचाया। इसके बाद साधु उसे अपने साथ गोरखपुर ले गए और धार्मिक शिक्षा देने लगे।
2 से 3 लाख रुपये की मांग का दावा: परिवार का कहना है कि अब युवक को वापस घर लाने के लिए साधु की ओर से करीब 2 से 3 लाख रुपये की मांग की जा रही है। कथित राहुल ने फोन पर चाचा से कहा कि घर आने से पहले भंडारा करना होगा और इसके लिए गुरुजी के पास नाम लिखाना होगा।
परिवार ने मामले की सच्चाई जानने के लिए डीएनए या ब्लड टेस्ट और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग की है। फिलहाल कथित राहुल गोरखपुर में है। 8 साल बाद हुई इस कथित वापसी की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





