सावन के पावन महीने में भगवान शिव के भक्त अपनी-अपनी श्रद्धा अलग-अलग तरीके से व्यक्त करते हैं। कोई नंगे पैर कांवड़ यात्रा करता है तो कोई भारी कांवड़ उठाकर बाबा भोलेनाथ के दरबार पहुंचता है। लेकिन बिहार के गया और औरंगाबाद के तीन युवाओं ने अपनी आस्था को एक अनोखे अंदाज में दिखाने का फैसला किया है। ये तीनों दोस्त स्केटिंग करते हुए करीब 400 किलोमीटर की यात्रा कर बाबा वैद्यनाथ धाम, देवघर पहुंचने निकले हैं।
इस अनोखी यात्रा पर निकले दीपक कुमार, रवि शंकर कुमार और रमेश कुमार में दो गया जिले के ददर्जी पड़रावा गांव के निवासी हैं, जबकि रमेश औरंगाबाद जिले से हैं। तीनों का कहना है कि यह यात्रा रोमांच के लिए नहीं, बल्कि बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा और मनोकामना की पूर्ति के लिए है।
दीपक कुमार बताते हैं कि उन्हें पहले स्केटिंग बिल्कुल नहीं आती थी। देवघर जाने की इच्छा ने उन्हें कुछ अलग करने की प्रेरणा दी। उन्होंने ऑनलाइन स्केटिंग शूज खरीदे और यूट्यूब वीडियो देखकर अभ्यास शुरू किया। शुरुआती दिनों में कई बार गिरना पड़ा, लेकिन करीब तीन महीने की मेहनत के बाद उन्होंने स्केटिंग सीख ली। वहीं उनके दोस्त रवि शंकर ने भी पहली बार स्केटिंग सीखी। हालांकि रमेश कुमार पहले से स्केटिंग जानते थे और पिछले साल सुल्तानगंज से देवघर तक स्केटिंग करते हुए यात्रा कर चुके हैं। इस बार वे अपने गांव से पूरी यात्रा स्केटिंग के जरिए कर रहे हैं।
तीनों श्रद्धालु हर दिन 50 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। उनके पास सिर्फ एक बैग है, जिसमें जरूरी सामान रखा है। रास्ते में भोजन और अन्य व्यवस्थाएं वे स्वयं करेंगे। यात्रा के दौरान यदि कोई साथी थक जाए या चोटिल हो जाए तो बाकी दोनों तुरंत उसकी मदद करते हैं।
हाईवे पर लगातार स्केटिंग करना आसान नहीं है। कई बार संतुलन बिगड़ने से वे गिर भी जाते हैं, लेकिन उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ की भक्ति उन्हें हर बार फिर से खड़ा कर देती है। गेरुआ वस्त्र, पीठ पर तिरंगा, हाथ में भोलेनाथ का ध्वज और पैरों में स्केट्स के साथ निकले ये तीनों दोस्त आस्था, जुनून और युवा संकल्प की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गए हैं।





