मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: ICU में लगी आग, 4 मरीजों की मौत; परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार के मुजफ्फरपुर में गुरुवार तड़के एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग ने चार लोगों की जान ले ली। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद अस्पताल में सुबह करीब 3 बजे आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार मरीजों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

मृतकों की पहचान मीनापुर के कृष्णनंदन प्रसाद सिंह (76), कथैया की गीता देवी (62), अहियापुर निवासी शशांक (30) और शिवहर के उदय कुमार (57) के रूप में हुई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मरीज के परिजन पिंटु कुमार ने बताया कि आग लगने के समय अस्पताल में कोई सुरक्षाकर्मी या डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनका आरोप है कि न तो कोई सायरन बजा और न ही समय पर सहायता मिली। उन्होंने कहा कि अस्पताल के अंदर धुआं भर चुका था और करीब आधे घंटे बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची।

एक अन्य परिजन प्रशांत कुमार ने बताया कि उनके परिजन कृष्णनंदन सिंह को फेफड़ों में पानी की शिकायत के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन आग लगने के कारण उनकी मौत हो गई। अब उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण ICU वार्ड में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक परिवार को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है।

इस दर्दनाक हादसे ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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