राजकीय डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर अति पिछड़ा जागृति मंच का धरना, क्षेत्रीय विकास के लिए उठाई आवाज
प्रखंड मुख्यालय परिसर में बुधवार को अति पिछड़ा जागृति मंच के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं और विकास संबंधी मांगों को लेकर धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। धरना में बड़ी संख्या में अति पिछड़ा समाज के लोग, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की मांग सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी गई।
धरना को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक विभाष कुमार भारती ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना होने से ग्रामीण और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के शैक्षणिक वातावरण को भी नई दिशा मिलेगी। मंच के सदस्यों ने सरकार से इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द कार्रवाई करने की अपील की।
धरना के दौरान वक्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की पर्याप्त नियुक्ति, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की मांग उठाई। इसके अलावा जर्जर सड़कों की मरम्मत, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने, पेयजल सुविधा में सुधार तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया।
धरना में मौजूद लोगों ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार को प्राथमिकता के आधार पर इन मांगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मंच की ओर से संबंधित मांगों का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपने का निर्णय लिया गया।