सिद्धू-कान्हू हूल दिवस फुटबॉल टूर्नामेंट संपन्न, ग्रामीण खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम; खेल के जरिए दिया एकता और भाईचारे का संदेश

सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर स्थित ब्रह्म बाबा स्टेडियम में आयोजित “सिद्धू-कान्हू हूल दिवस फुटबॉल टूर्नामेंट-2026” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। आदिवासी समाज के वीर शहीद सिद्धू-कान्हू की स्मृति में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए खेल प्रतिभा का परिचय दिया। बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी से पूरा स्टेडियम उत्साह और जोश से सराबोर रहा।

 

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टूर्नामेंट के तहत 28 और 29 जून को पुरुष वर्ग के बीच रोमांचक मुकाबले खेले गए, जबकि 30 जून को सहरसा और खगड़िया की महिला टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। प्रतियोगिता का आयोजन समाजसेवी सुभाष महतो के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं में खेल भावना विकसित करना, आपसी भाईचारे को मजबूत करना तथा नई पीढ़ी को सिद्धू-कान्हू के बलिदान और आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वकील मंडल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक है। समिति के सदस्य दिवाकर मुर्मू ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान “जय जोहार, जय आदिवासी” के नारों से पूरा स्टेडियम गूंज उठा।

 

राष्ट्रीय रेफरी नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने रघुनाथपुर में आधुनिक स्टेडियम निर्माण की मांग करते हुए कहा कि इससे यहां की प्रतिभाशाली बेटियां और युवा राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।

 

यह टूर्नामेंट सहरसा जिला फुटबॉल संघ, टाउन फुटबॉल क्लब एवं सिद्धू-कान्हू फुटबॉल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में गोविन्द हेम्ब्रम, अरविन्द हेम्ब्रम, अमित मुर्मू, प्रवीन हेम्ब्रम, सदानंद किस्कू, ललित मरांडी सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने ऐसे आयोजनों को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की।

 

संवाददाता : इन्द्रदेव जी

सहरसा

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