सहरसा नगर निगम में जेम पोर्टल (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) के माध्यम से हुई लगभग 70 से 80 करोड़ रुपये की कथित खरीद अनियमितता की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। करीब नौ महीने बाद मंगलवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की चार सदस्यीय उड़नदस्ता जांच टीम सहरसा पहुंची और नगर निगम कार्यालय में खरीद से संबंधित दस्तावेजों व अभिलेखों की गहन जांच शुरू कर दी।
जांच टीम का नेतृत्व अधीक्षक अभियंता (उड़नदस्ता) हरेंद्र कुमार उपाध्याय कर रहे हैं। टीम में कार्यपालक अभियंता मुरलीधर प्रसाद, सहायक अभियंता अभिषेक कुमार और अखिलेश कुमार शामिल हैं। टीम हाईमास्ट लाइट, डेकोरेटिव लाइट, डस्टबिन, फ्लैग पोल, स्ट्रीट लाइट, ट्राइसाइकिल, फॉगिंग मशीन सहित अन्य सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।
बताया जा रहा है कि तत्कालीन नगर आयुक्त अनुभूति श्रीवास्तव के कार्यकाल में जेम पोर्टल के जरिए हुई खरीद में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। इसी मामले में पिछले वर्ष 17 सितंबर को भी विभागीय टीम ने प्रारंभिक जांच की थी। अब सहरसा नगर निगम के साथ-साथ बनगांव नगर पंचायत में भी चार दिनों तक विस्तृत जांच की जाएगी।
मामले के शिकायतकर्ता आरडी इंटरप्रेन्योर ने 6 फरवरी को नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया में कई योग्य कंपनियों को बिना स्पष्ट कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया। साथ ही करीब 2.63 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली वाली सामग्री को लगभग 12.60 करोड़ रुपये में खरीदने समेत कई उपकरणों की खरीद में भारी अनियमितता बरती गई। आरोप यह भी है कि बाजार मूल्य से 10 से 20 गुना अधिक कीमत पर उपकरण खरीदे गए।
जांच के दौरान उड़नदस्ता टीम संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाने के साथ खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। हालांकि टीम के सदस्यों ने मीडिया के सामने कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार करते हुए कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी।
अधीक्षक अभियंता हरेंद्र कुमार उपाध्याय ने संकेत दिया कि प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इधर, जांच टीम के नगर निगम पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मची हुई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
संवाददाता : इन्द्रदेव जी सहरसा





