बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। टाउन थाना क्षेत्र के साटो-मोहिद्दीनपुर वार्ड संख्या-01 स्थित एक किराए के मकान पर छापेमारी कर पुलिस ने 3 लाख 19 हजार 200 प्रतिबंधित लॉटरी टिकट बरामद किए हैं। जब्त टिकटों की अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा मौके से 23 हजार 450 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 1 करोड़ 48 लाख 73 हजार 450 रुपये आंका गया है।
जानकारी के अनुसार, किशनगंज के प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ल को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित लॉटरी का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर उनके निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अवैध लॉटरी टिकट बरामद कर पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक मोहम्मद अकबर (42) है, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा थाना क्षेत्र स्थित पांजीपाड़ा बाजार का निवासी है। वह किशनगंज में किराए के मकान में रहकर लॉटरी टिकटों का भंडारण करता था और यहीं से जिले के विभिन्न इलाकों में थोक एवं खुदरा स्तर पर सप्लाई करता था।
इस मामले में किशनगंज थाना कांड संख्या 862/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 318(4), 316(2), 338, 111(2), 61(2) तथा बिहार बैन ऑन लॉटरी एक्ट, 2023 की धाराओं 3 और 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
प्रभारी एसपी हरिमोहन शुक्ल ने कहा कि अवैध लॉटरी कारोबार में शामिल अन्य लोगों, इसके नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है। अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी कीमत पर अवैध लॉटरी कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।





