बीसीसीएल के बंद रोप-वे हटाने की मुहिम तेज, जामाडोबा में जर्जर ढांचों पर चला गैस कटर
धनबाद जिले में वर्षों से बंद पड़े बीसीसीएल के रोप-वे और परित्यक्त लोहे के ढांचों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। उपायुक्त के निर्देश पर बीसीसीएल प्रबंधन ने झरिया के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जामाडोबा डुमरी दो नंबर इलाके में बंद पड़े रोप-वे के लोहे के ढांचों को काटकर हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच चल रही इस कार्रवाई को क्षेत्र में बढ़ रही अवैध गतिविधियों, कबाड़ चोरी और आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बुधवार को बीसीसीएल अधिकारियों की मौजूदगी में मशीनों और गैस कटर की मदद से जर्जर एवं अनुपयोगी लोहे के ढांचों को काटकर हटाया गया। कार्रवाई के दौरान सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहे। सुरक्षा कारणों से सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
बीसीसीएल अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से बंद पड़े ये ढांचे सुरक्षा की दृष्टि से खतरा बन चुके थे। कई स्थानों पर इनके जर्जर होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। इसके अलावा परित्यक्त संरचनाओं का उपयोग कबाड़ चोरी और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था, जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही थी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व जामाडोबा डुमरी दो नंबर क्षेत्र में ऐसे ही एक बंद पड़े लोहे के ढांचे की अवैध कटाई को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परित्यक्त ढांचों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया था।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जर्जर संरचनाओं को हटाने से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी, कबाड़ चोरी और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा तथा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी। लोगों ने जिले के अन्य क्षेत्रों में मौजूद ऐसे परित्यक्त ढांचों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की मांग की है।
संवाददाता : नीतीश कुमार