पटना में छात्र आंदोलन और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई और जेजेडी अध्यक्ष तेजप्रताप यादव समेत कई छात्र नेताओं व प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि सभी गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया तो विपक्ष राज्यव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगा।
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनके समर्थन में विपक्षी नेता और विधायक भी पहुंचे, लेकिन सरकार ने सभी पर कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को रात में गिरफ्तार कर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
तेजस्वी ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाएगा और उन पर कोई मुकदमा नहीं चलेगा। ऐसे में बिहार सरकार का यह रवैया पूरी तरह विरोधाभासी और दमनकारी है। उन्होंने मांग की कि छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों, विपक्षी विधायकों और नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।
इस दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री के रूप में कभी स्वीकार नहीं किया, वह लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठी और पुलिस बल के सहारे सरकार जनता और छात्रों की आवाज दबाना चाहती है, लेकिन विपक्ष ऐसा होने नहीं देगा।
तेजस्वी यादव ने दोहराया कि यदि सरकार ने जल्द सभी गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया तो छात्र आंदोलन और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन जनता का अधिकार है और इसे बलपूर्वक दबाने की हर कोशिश का विपक्ष सड़क से सदन तक विरोध करेगा। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर टकराव के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं।








