पूरा देश आज 27वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है। इसी कड़ी में बोकारो में भी शौर्य, सम्मान और देशभक्ति के माहौल के बीच कारगिल के वीर जवानों को याद किया गया। नया मोड़ स्थित बिरसा आश्रम में पूर्व सैनिक कल्याण परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर सैनिकों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बोकारो के अपर समाहर्ता सुनील चंद्र ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में लगभग 60 दिनों तक चले ‘ऑपरेशन विजय’ ने भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम और देश की अखंडता की रक्षा के संकल्प को पूरी दुनिया के सामने साबित किया। उन्होंने कहा कि उस दौर को जिसने देखा है, वह जानता है कि देश किन कठिन परिस्थितियों से गुजरा था और किस तरह हमारे जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मनों को परास्त कर तिरंगे की शान बरकरार रखी।
अपर समाहर्ता ने कहा कि कारगिल के वीरों का सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेने की अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी तक इन वीर गाथाओं को पहुंचाना जरूरी है, ताकि उनमें राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और देशसेवा की भावना और मजबूत हो सके।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कारगिल के वीरों को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। पूरे परिसर में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। वहीं रक्तदान शिविर में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि कारगिल के शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा और उनकी वीरता की गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।







