धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चर्चा में आए NDA नेताओं के बच्चों के रिएक्शन, सोशल मीडिया पोस्ट और छात्र आंदोलन ने बटोरी सुर्खियां

भुवनेश्वर/गुवाहाटी: नीट परीक्षा विवाद और 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने देशभर में राजनीतिक हलचल तेज कर दी। इस्तीफे के बाद एक ओर जहां भाजपा और एनडीए के कई नेताओं ने उनके फैसले को नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए समर्थन दिया, वहीं कुछ एनडीए नेताओं के बेटे-बेटियों की सोशल मीडिया पोस्ट और छात्र आंदोलनों में भागीदारी चर्चा का विषय बन गई।

सबसे अधिक सुर्खियों में भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर रहीं। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की जीत बताया। बाद में उन्होंने एक और पोस्ट कर स्पष्ट किया कि वह अपनी पोस्ट हटाने वाली नहीं हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें पोस्ट हटाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने अपने रुख पर कायम रहने की बात कही।

दूसरी ओर, सांसद अपराजिता सारंगी ने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के प्रति समर्थन जताते हुए लिखा कि नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना साहसिक कदम है और उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हालांकि भाजपा की ओडिशा इकाई के कुछ नेताओं ने अर्चिता की पोस्ट की आलोचना भी की।

इधर, असम में भी एक वीडियो चर्चा में आया, जिसमें राज्य सरकार के मंत्री केशव महंत की बेटी दिबिशा महंत कथित तौर पर नीट परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित छात्र प्रदर्शन में शामिल दिखाई दीं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़े नारे भी सुनाई दिए। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

Sponsored Advertisement
11:11 Cafe & Restaurant Advertisement

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी मंत्री को उसके वयस्क बच्चों के विचारों के लिए ट्रोल करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि बड़े होने के बाद बच्चों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक सोच हो सकती है और उनके विचारों को माता-पिता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सरमा ने यह भी कहा कि वह प्रदर्शन में लगाए गए नारों से सहमत नहीं हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नेताओं और उनके परिवारों की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक और सामाजिक बहस का नया विषय बना दिया है।

Related Posts

भागलपुर में एमएलसी प्रत्याशी रजनीश रंजन का बड़ा ऐलान, 30 अगस्त को होगा ‘स्नातक मतदाता सम्मान कार्यक्रम’

भागलपुर में एमएलसी प्रत्याशी रजनीश रंजन का बड़ा ऐलान, 30 अगस्त को होगा ‘स्नातक मतदाता सम्मान कार्यक्रम’

सहरसा में एस्बेस्टस तोड़ चोरों का तांडव जारी, दुकान से नकदी समेत हजारों का सामान चोरी

सहरसा शहर में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सदर थाना क्षेत्र के नगर पालिका चौक स्थित होटल गोल्डन प्लाजा के बगल की दुकानों का है,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *