सहरसा के पारा एथलीट मेराज आलम को खेल कोटे से सरकारी नौकरी, ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’ योजना के तहत मिली नियुक्ति

सहरसा जिले के लिए गर्व की बात है कि पारा एथलेटिक्स खिलाड़ी मो. मेराज आलम को बिहार सरकार की ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’ योजना के तहत सरकारी नौकरी मिली है। सिमरी बख्तियारपुर के आजाद नगर निवासी एवं मो. समसुल हक के पुत्र मेराज आलम को उनकी वर्षों की मेहनत और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का पुरस्कार मिला है। उन्हें सहरसा समाहरणालय में निम्न वर्गीय लिपिक (एलडीसी) के पद पर नियुक्त किया गया है। पटना में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में उन्होंने अपना नियुक्ति पत्र प्राप्त किया।

 

जिला एथलेटिक्स संघ सह जिला खेल संघ के सचिव रोशन सिंह धोनी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि मेराज की सफलता सहरसा में खेल संस्कृति के लगातार मजबूत होने का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि मेराज पिछले आठ वर्षों से पारा एथलेटिक्स में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह सम्मान और सरकारी नौकरी मिली है।

 

रोशन सिंह धोनी ने कहा कि इससे पहले सिमरी बख्तियारपुर की कुश्ती खिलाड़ी प्रीति कुमारी को भी इसी योजना के तहत बिहार सरकार ने नौकरी दी थी। अब मेराज आलम इस योजना के तहत नौकरी पाने वाले सहरसा के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने का माध्यम है। खेल न केवल रोजगार के अवसर देता है, बल्कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है।

 

मेराज आलम की इस उपलब्धि पर जिला एथलेटिक्स संघ, जिला खेल संघ तथा विभिन्न खेल संगठनों के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई कि मेराज की सफलता से जिले के अन्य युवा खिलाड़ी भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।

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