श्रावणी मेला को लेकर सहरसा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। शुक्रवार को सिमरी बख्तियारपुर स्थित प्रसिद्ध मटेश्वर धाम मंदिर परिसर में जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंहाग ने संयुक्त रूप से तैयारियों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का दावा है कि इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, निर्बाध बिजली आपूर्ति और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के समीप चेंजिंग रूम बनाने का निर्देश दिया गया है, वहीं डाकबम श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला पदाधिकारी ने पीएचईडी विभाग को पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर और अतिरिक्त चापाकल लगाने, नगर परिषद को पूरे मेला अवधि में नियमित सफाई कराने तथा भवन निर्माण विभाग को समय पर बैरिकेडिंग का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर सोलर स्ट्रीट लाइट एवं जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती होगी। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कैंप, चिकित्सकों की टीम, जीवनरक्षक दवाएं और एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मटेश्वर धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं और किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।






