सहरसा जिले में नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। गुप्त सूचना के आधार पर औषधि निरीक्षक (डीआई), सदर थाना पुलिस तथा उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के कई इलाकों में एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
संयुक्त टीम ने सराही, शंकर चौक और होटल कोसी निवास मार्केट समेत कुल पांच दवा दुकानों की गहन जांच की। छापेमारी के दौरान दुकानों में रखे दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, बिल और लाइसेंस की बारीकी से पड़ताल की गई। जांच के दौरान एक दवा दुकान से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें पुलिस ने तत्काल जब्त कर लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में संदिग्ध युवकों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में बरामद दवाओं को औषधि निरीक्षक द्वारा सत्यापित कराया गया, जिसमें कई दवाएं एनडीपीएस एक्ट के दायरे में पाई गईं। इसके बाद संबंधित दुकान संचालकों और आरोपियों के खिलाफ सदर थाना में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।





