धनबाद जननेता, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक स्वर्गीय एके राय की सातवीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को धनबाद में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। नूतनडीह मोड़ स्थित केंद्रीय अस्पताल परिसर के समीप उनकी प्रतिमा स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आम लोगों ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में एके राय के संघर्षपूर्ण जीवन, सादगी और जनसेवा को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
एके राय स्मारक समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में निरसा विधायक अरूप चटर्जी, टुंडी विधायक मथुरा महतो, कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा, समिति के अध्यक्ष हरिप्रसाद पप्पू सहित कई गणमान्य लोगों ने एके राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी गई।
सभा को संबोधित करते हुए अरूप चटर्जी और मथुरा महतो ने कहा कि एके राय केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनसंघर्ष और जनसेवा की मिसाल थे। उन्होंने राजनीति को कभी सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि मजदूरों, किसानों, आदिवासियों और वंचित वर्ग के अधिकारों की लड़ाई को अपना जीवन समर्पित कर दिया। नेताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके विचारों, ईमानदारी और सादगी से प्रेरणा लेकर समाज और लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि एके राय का पूरा जीवन सिद्धांतों पर आधारित रहा। उन्होंने सांसद रहने के बावजूद कभी सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं लिया। न उन्होंने सांसद पेंशन स्वीकार की, न सरकारी बंगला, न सरकारी वाहन और न ही सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग किया। वे जीवनभर एक सामान्य नागरिक की तरह रहे और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करते रहे।
गौरतलब है कि 21 जुलाई 2019 को धनबाद के केंद्रीय अस्पताल में एके राय का निधन हुआ था। उनके निधन के वर्षों बाद भी उनके विचार और संघर्ष लोगों के बीच जीवंत हैं। यही वजह है कि हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।








