
पलामू – पांडू प्रखंड के फुलिया गांव में मंगलवार शाम करीब सात बजे शिक्षक उपेंद्र कुमार प्रभाकर के घर एलपीजी गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे घर में मौजूद लोगों की जान पर बन आई। हालांकि ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस से बड़ा हादसा टल गया और कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि गैस गोदाम से मिला नया सिलेंडर पहले से ही लीक था। मंगलवार को ही नया सिलेंडर घर लाया गया था। जैसे ही खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया गया, सिलेंडर से अचानक तेज लपटें निकलने लगीं। कुछ ही क्षणों में पूरा रसोईघर धुएं और आग से भर गया।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक दमकल वाहन नहीं पहुंच सका। ऐसे में ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए पहले जलते सिलेंडर पर कंबल डालकर उसे सावधानीपूर्वक रसोई से बाहर निकाला। इसके बाद बालू और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की तत्परता से आग आसपास के घरों तक फैलने से बच गई।
आग बुझाने के दौरान फुलिया पंचायत के उपमुखिया शैलेश कुमार प्रभाकर का हाथ झुलस गया। वार्ड संख्या-7 के सदस्य कुणाल कुमार रवि, अंकज कुमार ठाकुर सहित कई ग्रामीणों ने आग बुझाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
घटना के बाद ग्रामीणों में गैस सिलेंडर की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्याप्त है। लोगों ने संबंधित गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सिलेंडर लीक पाया जाता है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में ऊंटारी रोड इंडेन गैस एजेंसी से फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन एजेंसी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। फिलहाल पूरे क्षेत्र में लीक सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थान: पलामू, झारखंड
संवाददाता: सत्यम शुक्ला





