बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। पढ़ाई को लेकर मां की फटकार के बाद 13 वर्षीय एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम का माहौल है, जबकि पुलिस का कहना है कि उसे अभी तक मामले की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
यह घटना नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र के करजारा गांव की है। मृतक की पहचान 13 वर्षीय करण के रूप में हुई है, जो आठवीं कक्षा का छात्र था। जानकारी के अनुसार, गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर करण स्कूल नहीं जाना चाहता था। इस बात को लेकर उसकी मां ने उसे पढ़ाई के लिए डांटा और समझाया।
परिजनों का कहना है कि मां की फटकार से करण काफी आहत हो गया। कुछ देर बाद उसने घर में रखा कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे तुरंत बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
करण अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में उसके माता-पिता और एक बहन हैं। बेटे की मौत के बाद मां गहरे सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
बताया जा रहा है कि परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार के लिए उसे गांव ले गए।
वहीं, बेन थानाध्यक्ष रवि राजकुमार ने बताया कि घटना की आधिकारिक सूचना अभी तक थाना को नहीं मिली है। यदि परिजनों की ओर से आवेदन दिया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि बच्चों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव या गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेना जरूरी है। यदि कोई बच्चा अत्यधिक परेशान, निराश या असामान्य व्यवहार करता दिखाई दे, तो परिवार और आसपास के लोगों को उससे शांतिपूर्वक बात करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।








