झारखंड के जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के दौरे के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बारिश के बीच अंचलाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ अविश्वर मुर्मू मंत्री के ऊपर छाता ताने उनके साथ तेज कदमों से चलते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक शिष्टाचार और अफसरशाही की भूमिका को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी बिरगांव पंचायत के पंजनिया क्षेत्र के निरीक्षण पर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई। मंत्री को बारिश से बचाने के लिए अंचलाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ अविश्वर मुर्मू स्वयं छाता लेकर उनके साथ चलते रहे। किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। एक वर्ग का कहना है कि वीवीआईपी प्रोटोकॉल और प्रशासनिक शिष्टाचार के तहत दौरे के दौरान मंत्री को असुविधा से बचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है, इसलिए इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। वहीं दूसरा पक्ष इसे अफसरशाही की गरिमा के खिलाफ बताते हुए इसे “जी-हुजूरी” करार दे रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का समाधान करना है, न कि नेताओं के पीछे छाता लेकर चलना।
इस मामले पर भाजपा जामताड़ा जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तस्वीर प्रशासन और सत्ता के रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अधिकारी जनता की समस्याओं के बजाय वीआईपी सेवा में व्यस्त रहेंगे तो आम लोगों के कार्य प्रभावित होंगे। भाजपा ने प्रशासन से जनता के प्रति जवाबदेह रहने और अपनी मूल जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की मांग की है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा लगातार जारी है।
संवाददाता : संतोष कुमार






