आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को जामताड़ा के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने अपने कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 50 से अधिक फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे उपायुक्त के समक्ष रखीं। जनता दरबार में जमीन विवाद, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, म्यूटेशन, भूमि मापी में अनियमितता, बिचौलियों की मनमानी, राशन कार्ड, पेंशन, आधार सुधार, मईया सम्मान योजना, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका चयन और शिक्षकों की कमी सहित कई महत्वपूर्ण मामले उठाए गए।
सबसे अधिक शिकायतें जमीन से जुड़े मामलों की रहीं। लोगों ने अवैध कब्जा, रास्ता बंद करने, गलत म्यूटेशन और अंचल कार्यालयों में लंबित मामलों की शिकायत की। कुछ फरियादियों ने जमीन की नकल नहीं मिलने और एसडीओ कोर्ट के फैसले के बाद भी जजमेंट की कॉपी नहीं मिलने की बात रखी। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जांच कर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जनता दरबार में आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन में अनियमितता, सीआरपी के लंबित मानदेय, मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर, आधार कार्ड में त्रुटि, राशन कार्ड, योग प्रशिक्षकों के वेतन और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दे भी उठे। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए, जबकि कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
उपायुक्त आलोक कुमार ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिया कि नियमसंगत कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे।
संवाददाता : संतोष कुमार






