पटना: राजधानी पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच हुए चर्चित विवाद से जुड़े मामले में खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) याचिका पर शुक्रवार को होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई। पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तय की है। जानकारी के अनुसार न्यायाधीश इन दिनों गया स्थित बिपार्ड में प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हैं।
यह मामला कदमकुआं इलाके में दो कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद, मारपीट और फायरिंग की घटना से जुड़ा है। पिछले कई दिनों से इस मामले की सुनवाई जारी है और दोनों पक्ष अदालत के समक्ष अपने-अपने तर्क व साक्ष्य पेश कर रहे हैं। अब सभी की नजर 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी है।
पिछली सुनवाई में खान सर की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार महुवार ने अदालत को बताया था कि पुलिस केस डायरी दाखिल कर चुकी है और आरोपों पर विस्तार से बहस हो चुकी है। सुनवाई के दौरान खान सर के बॉडीगार्ड के हथियार के लाइसेंस को लेकर भी सवाल उठे। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि लाइसेंस केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित है, जबकि बचाव पक्ष ने दस्तावेज पेश कर कहा कि बॉडीगार्ड के पास वैध ट्रैवलिंग परमिट है, जिसके तहत बिहार, दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में हथियार लेकर चलने की अनुमति है।
मामले के दूसरे पक्ष, ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं। उनके छोटे भाई के नेपाल में निधन के बाद उन्हें राहत मिली थी। रिहाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
गौरतलब है कि विवाद के दौरान खान सर के संस्थान के बाहर फायरिंग और मारपीट हुई थी। आरोप है कि खान सर के सुरक्षाकर्मी ने फायरिंग की, जबकि रौशन आनंद पर मारपीट और हिंसा के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
फिलहाल खान सर को अदालत से ‘नो कोर्सिव एक्शन’ की अंतरिम राहत मिली हुई है, जिससे उनकी गिरफ्तारी पर रोक बरकरार है। अब 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई इस बहुचर्चित मामले की कानूनी दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।








