अररिया: बिहार के अररिया जिले में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की दिशा में नेपाल मूल की 10 विवाहित महिलाओं ने अहम कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी विनोद दूहन ने सभी महिला आवेदिकाओं को भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। ये सभी महिलाएं लंबे समय से अररिया में अपने भारतीय पति और परिवार के साथ रह रही हैं तथा नागरिकता के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर रही हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, सभी आवेदिकाओं का विवाह अररिया जिले के भारतीय नागरिकों से हुआ है। नागरिकता आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों, प्रमाण-पत्रों और अन्य अभिलेखों की प्रारंभिक जांच प्रशासनिक स्तर पर पूरी कर ली गई है। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अब सभी आवेदनों को विस्तृत सत्यापन के लिए बिहार सरकार के गृह विभाग को भेजा जाएगा। राज्य स्तर पर जांच पूरी होने के बाद फाइलें अंतिम स्वीकृति के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय भेजी जाएंगी। दोनों स्तरों से मंजूरी मिलने के बाद ही संबंधित महिलाओं को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि पूरी प्रक्रिया भारत सरकार के नियमों के अनुरूप पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र आवेदिकाओं के मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें नियमानुसार नागरिकता का लाभ मिल सके।
प्रशासन ने बताया कि यह प्रक्रिया नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत संचालित की जा रही है। आवेदन को आसान बनाने के लिए प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां महिलाओं को आवेदन भरने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
नियमों के अनुसार, आवेदिका का किसी भारतीय नागरिक से वैध विवाह होना तथा भारत में कम से कम सात वर्ष तक सामान्य रूप से निवास करना आवश्यक है। आवेदन के साथ विवाह प्रमाण-पत्र, शपथ पत्र और निवास प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने और गृह मंत्रालय की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद महिलाएं संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेकर भारतीय नागरिक बन सकेंगी।








