रोहतास पुलिस ने कुख्यात कल्लू खान की पत्नी एवं पति की हत्या मामले की चश्मदीद गवाह रानी खातून की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार यह हत्या किसी पुराने आपराधिक विवाद या गवाही रोकने की साजिश नहीं, बल्कि अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग से जुड़े विवाद का परिणाम थी। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
डेहरी एसडीपीओ गौरव यादव ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 29 जून को डालमियानगर थाना क्षेत्र के मकराइन गांव निवासी फरहान खान ने अपनी मां रानी खातून के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई। इसी दौरान औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र से एक अज्ञात महिला का शव बरामद होने की सूचना मिली। औरंगाबाद पुलिस द्वारा शव को सुरक्षित रखे जाने के बाद परिजनों ने उसकी पहचान रानी खातून के रूप में की।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार रानी खातून का पिछले दो वर्षों से मकराइन गांव निवासी विकास कुमार के साथ संबंध था। रानी के पास विकास की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनके आधार पर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इसी से परेशान होकर विकास कुमार ने अपने सहयोगी अविनाश कुमार उर्फ बिट्टू के साथ मिलकर रानी खातून की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को औरंगाबाद जिले के बारुण क्षेत्र में फेंक दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। दोनों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि रानी खातून के पति कुख्यात कल्लू खान की पंचायत चुनाव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रानी उस मामले की चश्मदीद गवाह थीं और 7 जुलाई को अदालत में उनकी गवाही होनी थी। शुरुआत में हत्या को उसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में हत्या की वजह व्यक्तिगत संबंध और ब्लैकमेलिंग का विवाद सामने आया।






