बेतिया में उगा जापान का ‘सूरज का अंडा’, लाखों में बिकने वाला मियाजाकी आम बना आकर्षण का केंद्र
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में इन दिनों एक खास आम चर्चा का विषय बना हुआ है। जापान का प्रसिद्ध मियाजाकी आम, जिसे ‘एग ऑफ द सन’ यानी ‘सूरज का अंडा’ कहा जाता है, स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। अपनी चमकदार लाल रंगत, बेहतरीन स्वाद और दुर्लभता के कारण यह आम दुनिया के सबसे महंगे फलों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जबकि भारत में भी इसकी कीमत हजारों से लेकर लाखों रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है।
बेतिया के एक स्थानीय परिवार ने अपने घर की छत पर इस विदेशी आम का पौधा लगाया था। परिवार के सदस्यों, खासकर महिलाओं ने इसकी देखभाल पूरे समर्पण और मेहनत से की। जब पौधे में पहला फल आया तो उसकी गहरी लाल चमक और अनोखी बनावट ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देखते ही देखते इस दुर्लभ फल की चर्चा पूरे इलाके में फैल गई।
स्थिति यह रही कि इस एकमात्र फल के लिए 20 से 22 हजार रुपये तक की बोली लगाई गई। हालांकि अच्छी कीमत मिलने के बावजूद परिवार ने इसे बेचने से साफ इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि यह उनके परिश्रम और प्रेम का परिणाम है, इसलिए पहला फल परिवार का ही रहेगा और इसे प्रसाद के रूप में ठाकुर जी को अर्पित किया जाएगा।
कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ रविकांत का कहना है कि यदि सही तकनीक और उचित देखभाल अपनाई जाए तो बिहार और विशेष रूप से चंपारण क्षेत्र में मियाजाकी आम की सफल खेती की जा सकती है। इससे किसानों के लिए आय के नए अवसर खुल सकते हैं।
वहीं पौधा लगाने वाले किसान मुनेश कुमार बताते हैं कि उन्हें इस आम के बारे में विशेषज्ञों से जानकारी मिली थी। उनका मानना है कि बेतिया में इस आम की सफल पैदावार अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और भविष्य में यह खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।