गया: म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग पांच दिवसीय भारत दौरे पर शनिवार को बोधगया पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर 30 मई से 3 जून 2026 तक होने वाले इस दौरे को भारत और म्यांमार के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति अपने दौरे की शुरुआत भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया से करेंगे, जहां वह महाबोधि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गया जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए सभी संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर लिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। उनके दौरे के दौरान बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो।
प्रशासन के अनुसार राष्ट्रपति गया हवाई अड्डा, दोमुहान, आईटीसी वेलकम होटल, महाबोधि मंदिर, महाबोधि धम्मा एकता मॉनेस्ट्री और सुजाता मंदिर का भ्रमण करेंगे। इन सभी स्थानों और मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर गया एयरपोर्ट पर जिला पदाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें एडवांस सिक्योरिटी और प्रोटोकॉल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने उनके परिभ्रमण क्षेत्र को अस्थायी रूप से रेड जोन और नो-ड्रोन फ्लाई जोन घोषित किया है। निर्धारित मार्गों और आसपास के इलाकों में 30 मई तक ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग अपनी वर्तमान भूमिका में पहली बार भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहेगा। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।