भागलपुर: अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच भागलपुर की विशेष उत्पाद न्यायालय-2 ने एक महत्वपूर्ण फैसले में आरोपी जीवन चौधरी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के साधारण कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
यह मामला मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सितंबर 2024 में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जीवन चौधरी अपने घर से अवैध रूप से देसी शराब की बिक्री कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 8 लीटर देसी शराब बरामद की। इसके बाद शराब को जब्त कर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और विस्तृत जांच शुरू की गई।
अनुसंधान के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले भी ताड़ी और अवैध देसी शराब की बरामदगी से जुड़े कई मामले दर्ज हो चुके हैं। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया, जिसके आधार पर मामले की सुनवाई शुरू हुई।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और पांच वर्ष के साधारण कारावास के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह की सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
इस मामले में विशेष लोक अभियोजक भोला कुमार मंडल ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
संवाददाता: रजनीश कुमार





