धनबाद: एड्स जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से धनबाद में जागरूकता यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में श्री लालजी प्रशिक्षण केंद्र, मंथन संगठन और नर्मदा संगठन के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण केंद्र की छात्राएं, आशा कार्यकर्ता, सहिया दीदी और स्वास्थ्य कर्मी हाथों में जागरूकता से जुड़े संदेश लिखे पोस्टर और तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक करते नजर आए।
यात्रा के दौरान चिकित्सकों ने लोगों को बताया कि एचआईवी संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, संक्रमित सुई और संक्रमित मां से बच्चे में फैल सकता है। समय पर जांच और उचित उपचार से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एचआईवी की जांच और उपचार की दवाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही मरीज की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
इस दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. अनिता चौधरी ने लोगों से विशेष रूप से जांच कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थानों में आम लोगों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की भी एचआईवी जांच मुफ्त की जाती है। गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व जांच में कम से कम दो बार जांच कराना जरूरी है, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान हो सके और जरूरी उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
डॉ. अनिता चौधरी ने कहा कि एड्स को लेकर समाज में अब भी कई तरह की गलत धारणाएं हैं। संक्रमित व्यक्ति के साथ हाथ मिलाने, बैठने, खाना खाने या रहने से एचआईवी नहीं फैलता। इसलिए मरीजों के साथ भेदभाव करने के बजाय उन्हें सहयोग और सम्मान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डर नहीं, जांच ही बचाव है और भेदभाव नहीं, सहयोग जरूरी है।
आयोजकों ने बताया कि जागरूकता यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन से बीमारी का डर दूर करना, सही जानकारी पहुंचाना और समय पर जांच के लिए प्रेरित करना है। यात्रा में शामिल छात्राओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने भी इस संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।







