मधुबनी के बलिराजगढ़ फायरिंग कांड में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एसपी योगेंद्र कुमार ने आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह समेत पुलिस पिकेट में तैनात सैप के चार जवानों और एक चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं, इन सभी की सेवा बर्खास्तगी के लिए भी पत्राचार किया गया है। वहीं, फरार आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि बलिराजगढ़ की घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने इसे ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ बताते हुए कहा कि आरोपी चंद्रमोहन सिंह अब पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि अपराधी है। पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।
एसपी के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहले पांच टीमों का गठन किया गया था, लेकिन समीक्षा के बाद बुधवार को टीमों की संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई है। इसके अलावा विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का भी गठन किया गया है। इन टीमों को नेपाल सीमा से लेकर बक्सर तक आरोपी की तलाश में छापेमारी की जिम्मेदारी दी गई है। अभियान की कमान सदर एसडीपीओ-2 कामिनी को सौंपी गई है।
वहीं, न्यायालय से वारंट और कुर्की का आदेश मिलने के बाद आरोपी के घर की कुर्की की जाएगी। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर भी सार्वजनिक कर दी है। उसकी वर्तमान लोकेशन की सूचना देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 9031674255 पर जानकारी दी जा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बीते सोमवार को बलिराजगढ़ में तैनात एएसआई चंद्रमोहन सिंह गांव की ही एक महिला के घर पहुंचा था। इसी दौरान पड़ोस की एक महिला ने दरवाजा बंद कर स्थानीय लोगों को इकट्ठा कर लिया। आरोप है कि इसी बीच एएसआई ने घर की खिड़की से अपनी सर्विस रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी। इस घटना में चार लोगों को गोली लगी, जबकि 45 वर्षीय अशोक यादव की मौके पर ही मौत हो गई। अब पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी में जुटी है।





