
पटना: IMA बिहार स्टेट, पटना एवं विमेंस हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर, पटना के संयुक्त तत्वावधान में ऑनको-फर्टिलिटी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें कैंसर उपचार के दौरान और उसके बाद मरीजों की प्रजनन क्षमता सुरक्षित रखने, पुरुष बांझपन तथा आधुनिक फर्टिलिटी उपचार के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता डॉ. संजीव कुमार, डॉ. कुमारी अनुराग और डॉ. पंकज कुमार रहे। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. शांति राय, पद्मश्री डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ. अनीता सिंह, IMA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रिदू शर्मा और सचिव डॉ. दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि कैंसर का इलाज जीवन बचाने के लिए जरूरी है, लेकिन कीमोथेरेपी और अन्य उपचारों का असर भविष्य की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है। ऐसे में ऑनको-फर्टिलिटी के तहत एंब्रियो फ्रीजिंग, स्पर्म फ्रीजिंग और एग फ्रीजिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से मरीजों को उपचार से पहले फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन के विकल्पों की जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
डॉ. संजीव कुमार ने कैंसर उपचार और भविष्य में संतान प्राप्ति की संभावनाओं के बीच बेहतर समन्वय पर प्रकाश डाला। वहीं, डॉ. कुमारी अनुराग ने फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि दूरबीन सर्जरी के माध्यम से बच्चेदानी, अंडेदानी और फैलोपियन ट्यूब की समस्याओं को दूर कर प्राकृतिक गर्भधारण की संभावना बढ़ाई जा सकती है। इससे कुछ मरीजों को महंगे IVF उपचार की जरूरत भी नहीं पड़ती।
वहीं, एंड्रोलॉजिस्ट एवं एंब्रियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज कुमार ने पुरुष बांझपन के कारणों, स्पर्म की संख्या, गति और गुणवत्ता तथा आधुनिक उपचार विकल्पों पर वैज्ञानिक जानकारी साझा की। उन्होंने पुरुष और महिला दोनों की जांच को जरूरी बताया।
इस दौरान विमेंस हॉस्पिटल के नॉर्थ इंडिया के पहले रियल हैंड्स ऑन ट्रेनिंग सेंटर की पहल पर भी चर्चा हुई। संस्थान की ओर से गायनी रेजिडेंट डॉक्टरों को प्रत्येक महीने तीन दिवसीय निःशुल्क व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक ज्ञान, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों के अनुभव के माध्यम से मरीजों को बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।





