शिवहर में सड़क निर्माण को लेकर बवाल, अलाइनमेंट बदलने के विरोध में समाजसेवी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
शिवहर: बिहार के शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड के बेलवा गांव में SH-54 मिसिंग लिंक सड़क निर्माण परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सड़क के अलाइनमेंट में कथित बदलाव के विरोध में समाजसेवी रंजन चौधरी ने बेलवा घाट स्थित हनुमान मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी धरना स्थल पर मौजूद हैं और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।
रंजन चौधरी का आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए पहले भूमि मापी और सर्वेक्षण किया गया था। उसी सर्वे के आधार पर सड़क का मार्ग तय माना जा रहा था, लेकिन बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए अलाइनमेंट बदल दिया गया। उनका कहना है कि नए नक्शे में खाली पड़ी जमीन को छोड़कर सड़क को आबादी वाले इलाके और पक्के मकानों की ओर मोड़ दिया गया है। इससे करीब 15 परिवारों के घरों के साथ एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय भी प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का दावा है कि इस मामले को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रंजन चौधरी के अनुसार, निर्माण विभाग के अभियंता गजराज सिंह और मिथुन जय सिंह ने मौके पर जांच के दौरान गलती स्वीकार करते हुए सुधार का भरोसा दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में प्रशासन ने पुलिस बल का भी इस्तेमाल किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण कार्रवाई सफल नहीं हो सकी। अब भू-अर्जन कार्यालय के कैंप के जरिए ग्रामीणों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
भूख हड़ताल पर बैठे रंजन चौधरी ने कहा कि अन्याय और तानाशाही जैसी स्थिति को देखकर उन्होंने गांधीजी के सत्याग्रह का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा, “न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। मर जाएंगे, मिट जाएंगे, लेकिन भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे।”
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीण राजकिशोर राय ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर जमीन देने को भी तैयार हैं, लेकिन अपने घरों को टूटते नहीं देख सकते। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क का मूल सर्वेक्षण आधारित अलाइनमेंट बहाल किया जाए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।