IIT पटना का कमाल: हाइब्रिड कोर्स के छात्रों को 56 लाख तक का पैकेज, 240 को मिली नौकरी
पटना: तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे आईआईटी पटना ने वर्ष 2026 के प्लेसमेंट सत्र में शानदार उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के हाइब्रिड यूजी-पीजी कार्यक्रमों के छात्रों ने रिकॉर्ड 56 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक का पैकेज प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है। कई छात्रों को 50 लाख रुपये से अधिक के सालाना वेतन वाले ऑफर मिले हैं, जिससे यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
प्लेसमेंट आंकड़ों के अनुसार, 10 छात्रों को 56 लाख रुपये का सर्वाधिक पैकेज मिला। वहीं तीन छात्रों को 52 लाख रुपये, दो छात्रों को 50 लाख रुपये और तीन छात्रों को 49 लाख रुपये सालाना के ऑफर प्राप्त हुए। इसके अलावा 30 से अधिक छात्रों को 40 से 48 लाख रुपये के बीच के पैकेज मिले हैं। कुल 58 छात्रों को आकर्षक उच्च वेतन वाले ऑफर मिले।
इंटर्नशिप के क्षेत्र में भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। ऑर्केल, आईबीएम समेत कई प्रतिष्ठित तकनीकी कंपनियों ने छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर दिए। संस्थान के निदेशक टीएन सिंह ने बताया कि 200 से अधिक छात्रों को नामी कंपनियों में इंटर्नशिप मिली, जिससे उन्हें उद्योग जगत का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
आईआईटी पटना के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू किए गए हाइब्रिड डिग्री कार्यक्रमों का यह पहला बैच है। इन कार्यक्रमों में ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण का मिश्रित मॉडल अपनाया गया है। इससे छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल भी विकसित करने का अवसर मिला।
इस वर्ष हाइब्रिड कार्यक्रमों में 887 स्नातक और 672 स्नातकोत्तर स्तर के योग्य छात्र शामिल थे। इनमें से 780 छात्रों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लिया। कुल 240 छात्रों को नौकरी के प्रस्ताव मिले, जबकि 460 से अधिक छात्रों को इंटर्नशिप ऑफर प्राप्त हुए।
आईआईटी पटना में वर्तमान में कंप्यूटर साइंस एंड डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस मैनेजमेंट जैसे हाइब्रिड कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान का दावा है कि उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किए गए ये पाठ्यक्रम छात्रों को वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। 56 लाख रुपये तक के पैकेज इस मॉडल की बढ़ती सफलता और स्वीकार्यता का बड़ा प्रमाण माने जा रहे हैं।