श्री कल्कि भगवान ने 29 सितंबर को ली महा समाधि, एकम क्षेत्र में लाखों श्रद्धालुओं ने किए अंतिम दर्शन

 चेन्नई/आंध्र प्रदेश।  संस्था की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वननेस मूवमेंट के संस्थापक श्री कल्कि भगवान ने 29 सितंबर 2026 को महा समाधि प्राप्त की। उनके अनुयायियों के बीच उन्हें ऐसे आध्यात्मिक व्यक्तित्व के रूप में माना जाता है, जिन्होंने मानवता को दुखों से मुक्त करने और विश्व में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से अपना जीवन समर्पित किया।

 

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महा समाधि के बाद श्री कल्कि भगवान के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए एकम क्षेत्र में रखा गया। संस्था के अनुसार, 30 सितंबर से 2 अक्टूबर की दोपहर तक श्रद्धालुओं को अंतिम दर्शन और प्रार्थना का अवसर दिया गया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी एकम क्षेत्र पहुंचे।

 

संस्था ने बताया कि अंतिम दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस और विशेष कार्य बल की तैनाती की गई। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सुरक्षा बलों के जवान तीन दिन और तीन रात तक आयोजन स्थल पर तैनात रहे और श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के साथ भीड़ को व्यवस्थित करने में सहयोग किया।

 

पुलिस सम्मान के बाद हुए आध्यात्मिक अनुष्ठान

 

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से श्री कल्कि भगवान को पुलिस सम्मान दिया गया। पुलिस सम्मान की प्रक्रिया शाम चार बजे से शुरू होने और इसके बाद शाम पांच बजे से रात 7:30 बजे तक महा समाधि से जुड़े धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।

 

इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के राज्यपाल की ओर से भी श्रद्धांजलि एवं सम्मान संदेश दिए जाने का उल्लेख संस्था ने किया है।

 

ऑनलाइन भी प्रसारित हुआ कार्यक्रम

 

एकम संस्था के अनुसार, महा समाधि से जुड़े कार्यक्रमों का वननेस मूवमेंट के आधिकारिक ऑनलाइन मंचों से सीधा प्रसारण किया गया, जिससे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद अनुयायी भी कार्यक्रम से जुड़ सके।

 

संस्था ने आंध्र प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री, पुलिस विभाग और विशेष कार्य बल के सहयोग के लिए आभार जताया। संस्था के मुताबिक, श्रद्धालुओं को गरिमा और अनुशासन के साथ अंतिम दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने में प्रशासन और सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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