पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 प्रखंड क्षेत्र में गंडक नदी के बढ़ते दबाव के कारण चम्पारण तटबंध में बड़ी दरार के बाद बांध टूट गया। सोमवार की शाम करीब 8:30 बजे खैरटवा के पास तटबंध टूटने से पानी तेजी से आसपास के गांवों और निचले इलाकों की ओर फैलने लगा। तटबंध टूटने की सूचना के बाद इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
चखनी रजवटिया से रतवल जाने वाला करीब 14 किलोमीटर लंबा मार्ग इसी चम्पारण तटबंध के ऊपर से होकर गुजरता है। यह तटबंध गंडक नदी की बाढ़ से ग्रामीण आबादी और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। चखनी रजवटिया से खैरटवा की दूरी करीब छह किलोमीटर है, जहां तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है।
तटबंध टूटने के बाद खैरटवा के साथ आसपास के कई गांव और टोले प्रभावित होने की आशंका है। खैरटवा से पिपरिया करीब 1.8 किलोमीटर, सिंगारी गढ़वा करीब तीन किलोमीटर, रजवटिया करीब 3.2 किलोमीटर और चखनी करीब 3.9 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा बड़गांव, छोटकीपट्टी, एकडेरवा, डुमरिया और खरखरिया टोला समेत कई ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है।
स्थानीय स्तर पर अनुमान है कि पानी का फैलाव बढ़ने पर 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो सकती है। खासकर तटबंध के निचले और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ा खतरा है।
वहीं, बाढ़ के पानी से हजारों एकड़ में लगी धान और गन्ने की फसल के डूबने की आशंका है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है और उनकी आजीविका प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। तटबंध टूटने के बाद ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। इलाके में स्थिति पर लोगों की नजर बनी हुई है।






