पश्चिम चंपारण में नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। बैरिया प्रखंड के फुलियाखांड़ पंचायत में सोमवार की देर रात चंपारण तटबंध का करीब पांच मीटर हिस्सा टूट गया। तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से खेतों और निचले इलाकों में फैल रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए NDRF की 30 सदस्यीय टीम को मौके पर तैनात किया है
जानकारी के मुताबिक, फुलियाखांड़ पंचायत के वार्ड नंबर पांच के समीप चंपारण तटबंध के इस हिस्से में पहले से ही सिपेज की समस्या थी। सोमवार रात करीब दो बजे गंडक नदी के बढ़ते जलदबाव के बीच तटबंध धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हुआ और आखिरकार टूट गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक तटबंध का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका था।
गंडक नदी के बाएं चंपारण तटबंध में फुलियाखांड़ गांव के समीप करीब 59.60 किलोमीटर पर ओवरटॉपिंग और पाइपिंग के कारण लगभग पांच मीटर चौड़ाई में क्षति हुई है। तटबंध टूटने के बाद पानी तेज रफ्तार से आसपास के खेतों और निचले इलाकों में फैल रहा है।
तटबंध टूटने से फुलियाखांड़ के अलावा श्यामपुर, शिवराजपुर समेत आसपास के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दो प्रखंडों के दर्जनों गांवों के प्रभावित होने की आशंका है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
संभावित आपदा को देखते हुए NDRF की 30 सदस्यीय टीम को तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक आवागमन से बचने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06254-247002 और 06254-247003 पर संपर्क किया जा सकता है।
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने गोपालगंज के डुमरिया घाट में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का स्थल निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को लगातार निगरानी तथा राहत-बचाव कार्यों में तेजी रखने के निर्देश दिए।






