नालंदा के बिहारशरीफ में 14 दिनों तक चले गणेश उत्सव का मंगलवार की अहले सुबह भव्य समापन हुआ। गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आकर्षक झांकियों, ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ निकली विसर्जन शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।
नालंदा जिला पूजा उत्सव समिति की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के तहत 26 से 29 सितंबर के बीच शहर की विभिन्न स्थानीय नदियों, तालाबों और सरोवरों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। मंगलवार की सुबह तक अलग-अलग पूजा समितियों की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए निकाली गईं। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा।
विसर्जन को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और एसडीपीओ समेत कई वरीय अधिकारी देर रात तक सड़कों पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते नजर आए।
गणेश उत्सव के दौरान समाजसेवी दानिश मल्लिक ने गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की। उन्होंने बताया कि बेहतर झांकी प्रस्तुत करने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। दानिश मल्लिक ने कहा कि धर्म के नाम पर समाज में बिखराव देखने को मिलता है, ऐसे आयोजनों के माध्यम से आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने गणेश विसर्जन के दौरान प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था की भी सराहना की। अंत में श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ नम आंखों से बप्पा को विदाई दी।






