भागलपुर/सबौर। सबौर प्रखंड मुख्यालय में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से सबौर प्रखंड में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नाथनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और राजद नेता शेख ज्याउल हसन उर्फ जेड हसन शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पहुंचे लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेड हसन ने आरोप लगाया कि नाथनगर और सबौर के बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ राहत और सहायता के मामले में अन्याय तथा दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों, बांधों और शिविरों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें अब तक पर्याप्त पॉलिथीन शीट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
जेड हसन ने कहा कि आपदा की स्थिति में सरकारी खजाने पर पहला अधिकार आपदा प्रभावित लोगों का होना चाहिए। उन्होंने जीआर की राशि के वितरण में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि सबौर में करीब 14 हजार लोगों को ही जीआर की राशि मिल सकी है, जबकि अभी भी बड़ी संख्या में वास्तविक प्रभावित परिवार इससे वंचित हैं। उन्होंने शेष पात्र लोगों को जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।
राजद नेता ने यह भी कहा कि बाढ़ का पानी निकलने के बाद भी प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर, ब्लीचिंग पाउडर और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
वहीं राजद नेता सौरभ यादव ने आरोप लगाया कि राहत राशि के वितरण में बिचौलियों की भूमिका की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी बाढ़ पीड़ित को मिलने वाली राशि में से हिस्सा मांगा जा रहा है, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ राहत राशि वितरण की मांग की।
राजद नेता शिशुपाल भारती ने कहा कि पार्टी हमेशा पिछड़े, दलित और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष सुमंत यादव ने की। मौके पर राजद जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर यादव समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता, पंचायत अध्यक्ष, कार्यकर्ता और बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे।






