भागलपुर। पूर्वांचल को सीमांचल से जोड़ने वाले भागलपुर के महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर वाहनों की आवाजाही बंद होने जा रही है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर स्थायी पुल निर्माण का काम शुरू होने के कारण 1 अक्टूबर 2026 से विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। इससे भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
दरअसल, 26 मई 2026 की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में समा गया था। घटना के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। लोगों की आवाजाही को सुचारु रखने के लिए क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन यानी BRO की ओर से बेली ब्रिज तैयार किया गया था। बेली ब्रिज के जरिए फिलहाल वाहनों की आवाजाही जारी थी।
अब इसी क्षतिग्रस्त हिस्से पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाना है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद करने का निर्णय लिया गया है। 1 अक्टूबर से पुल बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया समेत सीमांचल की ओर आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा।
पुल बंद होने से रोजाना इस मार्ग से सफर करने वाले लोगों, व्यवसायियों, मरीजों और अन्य यात्रियों को अतिरिक्त दूरी और समय का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से लोगों की परेशानी कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नाव चलाने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य गंगा के रास्ते लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को उत्तर बिहार और सीमांचल के कई हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। ऐसे में पुल पर आवागमन बंद होने के बाद प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर है कि स्थायी पुल का निर्माण कार्य कितने समय में पूरा होता है और तब तक वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है।






