लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर हाजीपुर में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। डीएम के निर्देश पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम के साथ नारायणी नदी के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस बार हाजीपुर में कुल 35 छठ घाटों को चिन्हित किया गया है, जहां व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
नगर परिषद की ओर से सभी चिन्हित घाटों पर साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर काम कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान घाटों पर चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। साथ ही संबंधित ठेकेदारों और कर्मचारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं, ताकि छठ महापर्व से पहले घाट पूरी तरह तैयार हो सकें।
घाटों को आकर्षक स्वरूप देने के लिए नदी किनारे बनी दीवारों पर छठ पूजा से जुड़े धार्मिक और पारंपरिक दृश्यों की पेंटिंग कराई जा रही है। इससे घाटों की सुंदरता बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं को पर्व का धार्मिक वातावरण भी देखने को मिलेगा।
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। घाटों पर वॉच टावर बनाए जाने और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य भीड़ पर नजर रखने के साथ किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को सतर्क रखना है।
छठ पूजा के अलावा कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर भी प्रशासन विशेष तैयारी कर रहा है। इस अवसर पर नारायणी नदी के तट पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
प्रशासन की कोशिश है कि सभी 35 चिन्हित घाटों पर समय रहते तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके और वे पूरी श्रद्धा एवं आस्था के साथ महापर्व मना सकें।






