जहानाबाद जिले में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। कूर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पहले एमबीबीएस बैच के विद्यार्थियों के लिए व्हाइट कोट समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 50 भावी चिकित्सकों ने सफेद कोट धारण कर चिकित्सा सेवा, मानवता और मरीजों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया ने कहा कि सफेद कोट केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता, अनुशासन और मानवता का प्रतीक है। डॉक्टरों को समाज में विशेष सम्मान दिया जाता है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को भविष्य में चिकित्सक बनकर इस गरिमा को बनाए रखना चाहिए और मरीजों के भरोसे पर खरा उतरना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जहानाबाद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना जिले के लिए गौरव की बात है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के संस्थापक शंकर कुमार के प्रयासों की सराहना की।
वहीं, एसपी कोटा किरण कुमार ने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से नहीं घबराने और मेहनत के बल पर अपनी अलग पहचान बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य और निरंतर अध्ययन बेहद जरूरी है।
आईजीआईएमएस के प्राचार्य डॉ. रंजीत गुहा ने भी विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की बारीकियों और एक सफल चिकित्सक बनने के आवश्यक गुणों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. साधना सिंह, डीन डॉ. अशोक कुमार झा, एमडी ओम नारायण और मुख्य संरक्षिका नीलू देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने कैडेवरिक शपथ लेकर शरीर दान करने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और मानव शरीर की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया।





